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पूर्वोत्तर में ‘नेटजीरो डिस्ट्रिक्ट मॉडल’ और ऊर्जा क्षेत्र में सुधारों के लिए MNRE सदस्य श्री राहुल देव की बड़ी सिफारिश

नई दिल्ली/दीमापुर। भारत सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के सदस्य और ‘नेटजीरो होराइजन’ के प्रधान संपादक श्री राहुल देव ने देश की संधारणीय विकास (Sustainable Development) यात्रा को गति देने के लिए दो अत्यंत महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों की जोरदार सिफारिश की है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ और ‘नेट जीरो 2070’ के राष्ट्रीय संकल्पों को धरातल पर उतारने के लिए पूर्वोत्तर राज्यों और ऊर्जा क्षेत्र के नीतिगत नीति-निर्माण पर विशेष बल दिया है।

नागालैंड के दीमापुर में लागू होगा ‘नेटजीरो डिस्ट्रिक्ट मॉडल’ (NDM)

श्री राहुल देव ने ‘नेटजीरो होराइजन’ और ‘गुड शेफर्ड वेलफेयर सोसाइटी’ (GSWS) द्वारा प्रस्तावित ‘नेटजीरो डिस्ट्रिक्ट मॉडल’ (NDM) को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) सहयोग प्रदान करने की पुरजोर सिफारिश की है। यह मॉडल नागालैंड के दीमापुर जिले में जलवायु लचीलेपन (Climate Resilience) और समावेशी विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

  • प्रमुख सहयोगी संस्थान: इस महत्वाकांक्षी परियोजना को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत बिट्स-पिलानी (BITS-Pilani) के उद्योग इंटरफेस ‘बिट्स बायोसाइटथ फाउंडेशन’ (BITS BioCyTiH Foundation), विद्युत मंत्रालय द्वारा प्रवर्तित पावर सेक्टर स्किल काउंसिल (PSSC) और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) का आवश्यक तकनीकी व व्यावहारिक सहयोग प्राप्त है।

  • परियोजना के मुख्य लक्ष्य: नागालैंड की विशिष्ट भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता को देखते हुए यह मॉडल वहां के वंचित समुदायों को सशक्त करेगा। इसके तहत जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचा, सतत आजीविका के साधन, जल सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) और युवाओं के लिए व्यापक कौशल विकास कार्यक्रमों को संचालित किया जाएगा।

  • नीतिगत महत्व: इस सिफारिश पत्र में रेखांकित किया गया है कि भारत की विकास गाथा और ‘विकसित भारत’ का सपना तब तक अधूरा है, जब तक कि विकास का लाभ पूर्वोत्तर जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों (Frontier Regions) के हर एक जिले और समुदाय तक नहीं पहुंच जाता।

जारी किये गए पत्र यहाँ से ऑनलाइन देखें

“ग्रिड टू ग्रोथ”: ऊर्जा क्षेत्र में नीतिगत सुधारों के लिए राष्ट्रीय गोलमेज बैठक

ऊर्जा क्षेत्र में त्वरित और सुदृढ़ बदलावों की आवश्यकता को देखते हुए श्री राहुल देव ने आगामी “ग्रिड टू ग्रोथ: इंडियाज एनर्जी सेक्टर क्लोज्ड-डोर पॉलिसी राउंडटेबल” (Grid to Growth: India’s Energy Sector Closed-Door Policy Roundtable) का स्वागत और समर्थन किया है।

  • बैठक का स्वरूप और उद्देश्य: ‘नेटजीरो होराइजन’ द्वारा आयोजित होने वाली यह एक बंद कमरे की उच्च स्तरीय नीतिगत बैठक (Closed-Door Policy Roundtable) होगी। इसमें देश के प्रमुख नीति निर्माता (Policymakers), सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSUs), उद्योग जगत के शीर्ष नेतृत्व और ऊर्जा विशेषज्ञ एक मंच पर जुटेंगे।

  • महत्व: यह मंच भारत के पावर और ऊर्जा क्षेत्र के भविष्य को सुरक्षित और लचीला बनाने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श करेगा। श्री देव के अनुसार, भारत के ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) को समावेशी बनाने, स्वच्छ ऊर्जा को तेजी से अपनाने और नीतिगत निर्णयों को व्यावहारिक रूप देने में ऐसी गंभीर चर्चाएं मील का पत्थर साबित होती हैं।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के स्तर से आए ये दोनों सिफारिश पत्र स्पष्ट करते हैं कि भारत की नेट-जीरो नीति अब केवल कागजी लक्ष्यों तक सीमित नहीं है। दीमापुर का ‘नेटजीरो डिस्ट्रिक्ट मॉडल’ यह दिखाता है कि कैसे स्थानीय स्तर पर समुदायों को शामिल करके पर्यावरण और आजीविका दोनों को साथ सुधारा जा सकता है। वहीं, “ग्रिड टू ग्रोथ” जैसी बैठकें सरकारी नीतियों और निजी क्षेत्र के बीच के अंतर को पाटकर देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने का काम करेंगी।

यह दोनों ही पहलें एक अधिक समावेशी, संधारणीय और जलवायु-अनुकूल भारत के निर्माण की दिशा में व्यावहारिक और सराहनीय कदम हैं।

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